एक्सटेंडेड ग्राम स्वराज.. मिशन इन्द्रधनुष अभियान एवं विश्व जनसंख्या स्थिरता दिवस पर मीडिया कार्यशाला आयोजित

Spread the love

एक्सटेंडेड ग्राम स्वराज.. मिशन इन्द्रधनुष अभियान एवं विश्व जनसंख्या स्थिरता दिवस पर मीडिया कार्यशाला आयोजित

(सिंगरौली की आवाज न्यूज)वेबडेस्क।,अतुल दुबे

WED, 10 जुलाई, 2018


सिंगरौली। डॉ0 आर0पी0 पटेल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार आज होटल नीलम पैलेस नवजीवन विहार में दोपहर 12 बजे एक्सटेंडेड ग्राम स्वराज मिशन इन्द्रधनुष अभियान एवं विश्व जनसंख्या स्थिरता दिवस पर जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। उक्त कार्यशाला में डॉ0 उमेश सिंह डीएचओ, डॉ0 महेन्द्र पटेल जिला टीकाकरण अधिकारी, श्री सुधांशु मिश्र जिला कार्यक्रम प्रबंधक, अरविंद सिंह चंदेल परियोजना अधिकारी आईसीडीएस,  नागेन्द्र सिंह जिला मलेरिया अधिकारी, डॉ0 प्रदीप यादव आरएमएनसीएचए कोआर्डिनेटर,  विपिन द्विवेदी जिला एम एण्ड ई अधिकारी, विकास सिंह व्हीसीसीएम यूएनडीपी,  अजय कुमार तिवारी जिला वैक्सीन स्टोर मैनेजर, संतोष कुमार गुप्ता जिला डाटा मैनेजर टीकाकरण उपस्थित रहे।
डॉ0 उमेश सिंह डीएचओ द्वारा सर्वप्रथम विश्व जनसंख्या स्थिरता माह के संबंध में उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई ..उन्होंने कहा कि आज का समय ऐसा है कि दिन-प्रतिदिन जनसंख्या बढ़ती जा रही है, जो एक जनसंख्या विस्फोट का रूप लेती जा रही है जिसे हम सबको मिलकर इसे नियंत्रण में लाना होगा। जनसंख्या स्थिरता माह या विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य विश्व को जनसंख्या विस्फोट से बचाना, मातृ मृत्यु दर मे कमी लाना, शिशु मृत्यु दर मे कमी लाना, सकल प्रजनन दर मे कमी लाना एवं प्ररेणा योजना से ठच्स् परिवार को लाभान्वित कराना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रेरणा योजना चलायी जा रही है जिसके माध्यम से हितग्राहियों का परिवार नियोजन कर जनसंख्या को कम करने के कारगर कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन के दो मुख्य साधन हैं स्थायी एवं अस्थायी, स्थायी साधन में महिला नसबंदी एवं पुरूष नसबंदी शामिल है जबकि अस्थायी साधनों में कंडोम, आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी, गर्भनिरोधक गोलियां एवं छाया व अंतरा इंलेक्शन प्रत्येक सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। महिला नसबंदी की अपेक्षा पुरूष नसबंदी आसान है एवं पुरूषों को इससे प्रजजन क्षमता में कोई कमजोरी भी नहीं होती और पुरूष नसबंदी में समय भी कम लगता है। उन्होंने बताया कि लोगों की ऐसी सोच है कि नसबंदी ठंड के समय ही कराना चाहिए जबकि नसबंदी कभी भी कराया जा सकता है। इस हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये जा रहे अभियान या कैम्प के द्वारा कैलेण्डर तैयार किया गया है जिसके आधार पर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सप्ताह के सोमवार, बुधवार, गुरूवार एवं शुक्रवार को तथा जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत शिविर आयोजित कर नसबंदी किये जाते हैं जिसमें हितग्राहियों को आपरेशन के बाद प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।
अर्चना वर्मा डिप्टी एमईआईओ द्वारा जनसंख्या स्थिरता माह में की जाने वाले गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि सर्वप्रथम चिन्हित स्वास्थ्य संस्थाओं में परिवार कल्याण निश्चित दिवस के दौरान पात्र हितग्राहियो को प्रेरित कर गुणवत्ता पूर्ण नसबंदी आपरेशन सुनिश्चित कराना, प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में ओ0पी0डी0 के समय पात्र लक्ष्य दम्पतियों का परिवार कल्याण के अस्थायी व स्थायी साधनो की जानकारी देकर प्रेरित करना व लाभान्वित कराना, हितग्राही द्वारा परिवार कल्याण से संम्बन्धित प्रश्नो का उचित जवाव देते हुए समाधान करना, मैदानी स्तर पर आशा/ए0एन0एम0/आगनवाड़ी कार्यकर्त्ता लिस्टेड किए हुए लक्ष्य दम्पत्तियो को परिवार कल्याण की जानकारी से अवगत कराए व परिवार कल्याण के साधन के चयन में दम्पत्ति की मद्द करें। उन्होंने बताया कि महिला नसबंदी पर 1400 रूपये एवं पुरूष नसबंदी पर 2000 रूपये तथा प्रेरक को 200 तथा 300रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

प्रेरणा योजना का लाभ हेतु निम्न बिन्दुओं पर आधारित है-
दम्पत्ति बीपीएल श्रेणी का हो, लड़की का विवाह 19 वर्ष की उम्र या उसके बाद हुआ हो एवं प्रथम बच्चे का जन्म विवाह के कम से कम 2 वर्ष बाद हुआ हो, यदि पुत्र जन्म हुआ है तो ऐसे दम्पत्ति को 10000 रूपये, पुत्री जन्म होने पर 12000 रूपये का पुरस्कार मिलेगा। यदि दूसरे बच्चे का जन्म प्रथम बच्चे के तीन वर्ष बाद हुआ हो एवं माता व पिता ने स्वेच्छा से नसबंदी करवा ली हो तो 15000, एक पुत्री के जन्म के बाद आपरेशन होने पर 17000 तथा दो पुत्रियों के जन्म के बाद ऑपरेशन होने पर 19000 रूपये का पुरस्कार दिया जाना है।
डॉ0 महेन्द्र पटेल जिला टीकाकरण अधिकारी द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि एक्टेडेड ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत जिले के 372 ग्रामों में मिशन इन्द्रधनुष का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार के निर्देशानुसार टीकाकरण का लक्ष्य 100 प्रतिशत पूर्ण करने हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जिले में तीन चरणों 16 जुलाई, 13 अगस्त एवं 10 सितम्बर 2018 से चलाया जायेगा जिसमें टीकाकरण से वंचित जन्म से 2 वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती माताओं का संपूर्ण टीकाकरण कराया जाना है। उन्होंने बताया कि अभियान की पूर्व तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं जिसमें घर-घर हेडकाउंट सर्वे के आधार पर ड्युलिस्ट का निर्माण किया गया है एवं कार्ययोजना तैयार की गई है जिले में 16 जुलाई 2018 से प्रारंभ होने जा रहे प्रथम चरण हेतु जन्म से 2 वर्ष तक के कुल 3466 बच्चों एवं 1260 गर्भवती माताओं को लक्षित किया गया है। इस हेतु सघन मॉनीटरिंग राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर, जिला स्तर, ब्लाक स्तर एवं अंतविर्भागीय मॉनीटरों द्वारा की जाएगी।

जिला टीकाकरण अधिकारी द्वारा मीडिया के माध्यम से आम जनमानस से अपील की गई है कि वो टीकाकरण से वंचित अपने आसपास या अपने बच्चों तथा गर्भवती माताओं को अभियान के दौरान टीकाकरण अवश्य करायें। टीकाकरण बच्चों को कई जानलेवा बीमारियों से प्रतिरक्षित करता है। शासकीय संस्थाओं में एक बच्चे पर शासन द्वारा लगभग 20,000 रूपये तक की वैक्सीन का खर्च किया जा रहा है जो शासकीय संस्थाओं में शासन द्वारा मुफ्त लगायी जा रही है जो उनको जानलेवा बीमारियों से प्रतिरक्षित करता है। 

Log in our website www.singraulikiawaz.com for letest update –

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *