जानिए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने क्यों राज्यपाल से की मुलाकात

Spread the love
सिंगरौली की आवाज वेबडेस्क।
31 जनवरी। म.प्र.शासन की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल से कांग्रेसी नेताओं ने सूर्या भवन में मुलाकात कर सिंगरौली में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बारीकियों से अवगत कराया। इस दौरान म.प्र.कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव अमित द्विवेदी के साथ कई कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। जहां कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने महामहिम राज्यपाल को सिंगरौली की गंभीर समस्याओं का ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि जिले में कायेला का प्रचुर भण्डार होने से एनसीएल, एनटीपीसी जैसे नामी गिरामी कंपनियों के अलावा अन्य कंपनियां कार्यरत हैं, इन कंपनियों के आने से लाखों परिवार ने विस्थापन का दंश झेला है। लेकिन आज भी विस्थापित लोगों को उनका हक नहीं मिल पाया। सिंगरौली में विस्थापन के अलावा बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। इस आशय सहित जिले की समस्याओं को लेकर म.प्र.कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव अमित द्विवेदी ने जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ महामहिम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से सूर्याभवन में मुलाकात कर 8 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है,  जिला मुख्यालय बैढऩ होने के कारण बैढऩ को रेलवे से जोड़ा जाये, कटनी-सिंगरौली रेलवे लाइन को बरगवां से बैढऩ होते हुए उत्तरप्रदेश के शक्तिनगर से जोड़ा जाये। साथ ही दूसरा रूट बरगवां अमलोरी, बीजपुर होते हुए अम्बिकापुर छग से जोड़ा जाये।कार्यवाहक अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी रमा शंकर शुक्ला ने बताया गया कि सिंगरौली जिले में एनटीपीसी, एनसीएल के अलावा हिण्डालकों, रिलायंस पावर, रिलायंस कोल माइंस, एस्सार, जेपी जैसी कंपनियां स्थापित हैं इन कम्पनियों के बदौलत लाखों लोग अपने घरों से बेघर हो गये और आज तक इन विस्थापितों को पर्याप्त मुआवजा, आवास, पेंशन, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा उपलब्ध कराने में नाकाम है। विस्थापित अपने हक के आगे आते तो प्रशासन के दम पर मुकदमा, जेल भेज दिया जाता है। सिंगरौली जिला ऊर्जाधानी के नाम से जाना जाता है फिर भी माइनिंग कॉलेज के साथ इंजीनियरिंग कॉलेज की दरकार है। इन शिक्षा जैसी सुविधाएं दिलायी जाये। सिंगरौली में कोल माइंस होने से भारी वाहनों से कोयले की ढुलाई के चलते आये दिन सड़क दुर्घटनाओं मेें बेतहाशा वृद्धि हुई है, इसे रोकने के लिए बाइपास रिंग रोड बनायी जाये, जिससे उत्तर प्रदेश, छग का आवागमन सुगम हो सके। बड़े दुर्भाग्य की बात है कि सिंगरौली में पन्द्रह हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है, लेकिन स्थानीय जनता बिजली को तरस रही ह। इसलिए विद्युत कंपनियों से स्थानीय किसानों, आमजनता व विस्थापितों को 24 घण्टे बिजली 50 फीसदी कम दर से उपलब्ध करायी जाये। सिंगरौली औद्योगि क्षेत्र होने से प्रदूषण की सबसे गंभीर समस्या है। प्रदूषण के चलते कई तरह की बीमारी से लोग ग्रसित हैं, प्रदूषण के प्रभाव को रोकने के लिए ठोस कदम उठाया जाये और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाये। सिंगरौली में पर्यटन की भरपूर संभावनाएं हैं, सिंगरौली में मुड़वानी डेम, माड़ा की गुफा, कई पर्यटन स्थल हैं, जिनको सही रूप रेखा देकर सौंदर्यीकरण व विकास करा दिया जाये तो पर्यटन का सुगम स्थल बन जायेंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अमित द्विवेदी, राज कुमार दीपांकर (सचिब), जिला कांग्रेस कमेटी कार्यवाहक अध्यक्ष रमा शंकर शुक्ला, अशोक जायसवाल, आईटी सेल के जिला अध्यक्ष सीपी शुक्ला, विद्यापति शाह, रमाशंकर पनिका सहित कई कांग्रेसी मौजूद रहे।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *