सिंगरौली। जिले में संचालित 10 शासकीय और 10 अशासकीय कालेजों को 190 कमी. दूर रीवा के एपीएस विश्व विद्यालय पर होना पड़ रहा है निर्भर

विश्व विद्यालय न ही सही ऑटोनोमस ही दे दे सरकार

सुल्तान अहमद की रिपोर्ट/सिंगरौली की आवाज़

जैसा कि आप सभी सिंगरौली की अवाम को ज्ञात होगा कि, सिंगरौली को जिले का रूप साल 2008 में दिया गया था और तब से लेकर अब तक और विगत पिछले कई वर्षों से जिले में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति सभी के इल्म में है। मैं बात कर रहा हूँ लीड कॉलेज (राज नारायण स्मृति कॉलेज) बैढ़न के बारे में जो कि महज हायर एजुकेशन के नाम पर जिले में पिछले 35 साल से जिला बनने के पहले से हि संचालित है और साथ ही जिले में कई शासकीय और अशासकीय कॉलेज भी संचालित हैं परन्तु अभी तक जिले में संचालित कालेजों को रीवा जिले में स्थित अवधेश प्रताप सिंह कॉलेज पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। कॉलेज में अध्ययन करने वालों को रिजल्ट में थोड़ी से त्रुटि के लिए हर छोटे-बड़े कार्यों के लिए 190 किमी. मि दूरी तय करनी पड़ती है जो कि बहुत ही दुर्भाग्य है सिंगरौली की आवाम के लिए और यहाँ के युवा वर्ग के छात्र-छत्राओं के लिए।

सफर दूर का है लेक़िन, इन छात्र-छत्राओं की कौन सुनेगा व्यथा

सिंगरौली से रीवा तक के बीच-बीच की जर्जर सड़के, सफ़र 190 कमी. का, वक़्त 5 से 6 घंटे कभी कभार इससे भी ज़्यादा का समय लगता है। नाम है उर्जाधानी सिंगरौली जिले को सरकार एक विश्व विद्यालय तो दे सकती थी पिछले 35 सालों में लेकिन नही मिली ये सैगात आखिर क्यूँ..?

विश्व विद्यालय न ही ही कम से आटोनोमस कॉलेज का दर्जा तक नहीं दिया गया, इसके लिए न तो यहाँ के हायर एजुकेशन विभाग ने न ही यहाँ के जनता के प्रतिनिधि औऱ न ही यहाँ की प्रशासन तो ऐसे में तो सवाल उठना तो लाजमी है,की यहाँ के छात्र-छात्राओं की व्यथा कौन सुनेगा..?

सीधी को जब ऑटोनोमस कॉलेज की सौगात मिल सकता है तो सिंगरौली को क्यूँ नहीं

एक तरफ़ हम देखते हैं, की सीधी जिले से रीवा जिले की दूरी महज़ 79 किमी. है, इसके उपरान्त भी सीधी जिले को वर्षो पहले ही ऑटोनोमस कॉलेज की सौगात मिल चुकी है, इसकी एक मात्र वजह वहाँ के जनप्रतिधि व वहाँ की जनता का अहम योगदान था। लेकिन उर्जाधानी का यह दुर्भाग्य है कि यहाँ के जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति यहाँ के छात्र-छत्राओं के लिए ऑटोनोमस कॉलेज की सौगात दिलाने में भी सक्षम नहीं हैं अब तक।

क्या है ऑटोनोमस और क्या है इसके अंतर्गत सुविधाएं

ऑटोनोमस कॉलेज का अर्थ ऐसे कॉलेज से है जो अपने यहाँ पठन-पाठन और परीक्षा आदि के संचालन के लिए विश्व विद्यालय पर निर्भर नही रहता है। यह पठन-पाठन के साथ साथ हर प्रकार की गतिविधियों सहित रिजल्ट जारी करना और व्यवस्था को अपने अनुसार संचालित करने में सक्षम होता है।

अगर ऑटोनोमस कॉलेज की सुविधा सिंगरौली जिले में भी मौजूद होगी तो यहाँ के छात्र-छात्राओं को हर छोटे-बड़े कार्य के लिए रीवा विश्व विद्यालय तक का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.!

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