सिंगरौली। जयंत मस्जिद की कमेटी विवाद में हुयी मारपीट का मामला पहुँचा जयंत पुलिस चौकी व जिला अस्पताल

सुल्तान अहमद की रिपोर्ट/ सिंगरौली की आवाज़

बैढन जयंत मस्जिद में दो कमेटियों के बीच लम्बे समय से विवाद चल रहा है जो आज मंगलवार को विवाद इतना बढ़ गया कि दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुयी और यह मामले की रिपोर्ट जयंत चौकी में दर्ज करायी गयी है और वही मारपीट के दौरान असलम को ज्यादा चोट पहुंची है और दोनों पक्षों का मेडिकल कराया गया पुलिस मामले की जांच कर रही है ।

घटना के संबंध में असलम ने बताया कि 3 वर्ष पूर्व नियमानुसार मस्जिद की कमेटी का चुनाव हुआ था जिसमें हाजी कमरूद्दीन को बैलेट पेपर से सदर चुना गया था और उन्होने कहा कि नियमानुसार 3 वर्ष में कमेटी का चुनाव होना चाहिये परन्तु कोरोनाकाल की वजह से 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी चुनाव नहीं हो सका है और कमरूद्दीन काफी बीमार चल रहे हैं जिनका उपचार चल रहा है इसलिए उन्होने पावर ऑफ एटार्नी असलम को सौंप दिया है ।

मौजूदा सदर हाजी कमरूद्दीन का कहना है कि अपना कार्यभार 3 साल होने के बाद हम सौंपना चाहते हैं और वही असलम ने बताया कि 1997 में जब मस्जिद का बायलाज बना तब मास्टर समसूद्दीन को सदर बनाया गया जो 2004 तक रहे और 2004 से 2017 तक परवेज सदर बने और वही 1997 से लेकर 2004 तक के चुनाव हुये लेकिन वह नियमानुसार बैलेट पेपर के द्वारा नहीं किया गया ।

वर्तमान में 12 जनवरी को चुनाव होना था जिसे कतिपय कारणों से रोक दिया गया और असलम ने बताया कि पूर्व की कमेटी द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया गया है और इस संबंध में आवाज उठायी जाती है तो उक्त पक्ष के लोग मारपीट पर उतारू हो जाते हैं और उन्होने बताया कि कमरूद्दीन 3 वर्ष तक सदर रहे परन्तु इस दौरान वह कोई कार्य नहीं कर सके लगातार उनके कार्यों में पूर्व की कमेटी द्वारा व्यवधान पैदा किया गया और उन्होने कहा कि मस्जिद का 23 साल से आडिट नहीं हुआ पूर्व की कमेटी द्वारा दुकानों को मनमाने तौर पर बेचा जा रहा है जो आज सदर की आफिस मे पूर्व सदर के लोगों द्वारा ताला लगा दिया गया और इस बात पर विवाद हो गया मारपीट की गयी ।

असलम ने बताया कि मस्जिद की पूर्व कमेटी द्वारा 7 से 8 लाख रूपये में चार दुकानें बेंच दी गयी है जबकि बायलाज में लिखा गया है कि दुकान न बेची जा सकती है और न ही किराये पर दी जा सकती है और पूर्व कमेटी के सदस्यों द्वारा दुकान में आग लगाने की धमकी दी जा रही है और वही जयंत चौकी में कई बार एफआईआर दर्ज करायी गयी परन्तु कोई कार्यवाही अब तक नहीं हुयी है ।

असलम ने कहा कि मैं कोलकाता के हैं इस कारण हमे बांग्लादेशी बोला जाता है और उन्होने कहा कि वह 19 साल से यहां निवास कर रहे है और उन्होने पूर्व की कमेटी द्वारा किये गये भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ।

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