सिंगरौली। अवैध शराब की बिक्री तेज़ आबकारी विभाग अंकुश लगाने में है नाकाम

सुल्तान अहमद की रिपोर्ट /सिंगरौली की आवाज़ 27

सूत्रों के मुताबिक पिछले कई वर्षों से नजदीकी कचनी पेट्रोल पम्प के समीप शराब का अवैध कारोबार किया जा रहा है, जिसका तार राजमिलान, परसौना से भी जुड़े होने की आशंका है। और ये बिक्री शराब के ठेकेदारों के द्वारा कुचिया शराब बेचने वालों के पास सप्लाई की जाती है।
जानकारी के तौर पर माजन निवासी मनीष सिंह के द्वारा ये कार्य धड़ल्ले से उसकी निगरानी में किया जाता है।

सवाल यह है, की ये कौन है मनीष सिंह जिस पर शासन प्रशासन अभी तक कोई लगाम नहीं कस पाई है।

आबकारी विभाग व प्रशासन क्यूँ नही अंकुश लगाती अवैध कारोबारियों पर

इसकी जानकारी आबकारी विभाग को दी जाती है तो महज नाममात्र के लिए कार्यवाही होती है! छोटे- मोटे फुटपाथ की दुकानों व चैराहों में शराब की बिक्री तेज़ी के साथ कि जा रही है और आबकारी अमला मौन धारण किया हुआ है, क्या आबकारी विभाग की नाममात्र की कार्यवाही से इन पर अंकुश लगाया जा सकता है क्यों नहीं इन अवैध कारोबार को बंद कराया जा रहा है क्यों ऐसे कार्यों की खुली छूट दी जा रही है।
क्या आबकारी विभाग को कोई फ़र्क नहीं पड़ता..?

अवैध कारोबारियों की शिवराज सरकार में खैर नहीं:- शिवराज सिंह चैहान

जबकि प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान जी ने कहा था कि अवैध कारोबारियों को कहि जगह नही मिलेगी लेकिन वही दूसरी तऱफ सिंगरौली जिले में आबकारी विभाग की चुप्पी उनके कार्यशक्ति में आलसपन की वजह से इन अवैध कारोबारियों का हौसला और भी बुलन्द है। जिसकी वजह है जिले में मौजूद वर्तमान भाजपा सरकार की किरकिरी हो रही है और सवालों के कटघरे मे सत्तापक्ष व प्रशासन दोनों बने हुवे हैं।

लाइसेंस होने के बावजूद भी शराब दुकानो में रेटसूची चस्पा नही की गई है अभी भी कई शराब ठेकों पर।
साथ ही ग्राहकों को कहि न कही एमआरपी से भी ज्यादा रेट में शराब की बिक्री की जा रही है।

क्या प्रशासन व आबकारी विभाग की है साठगाँठ

पुलिस व आबकारी विभाग या यूँ कहे कि शराब के ठेकेदार की साठगाँठ जुड़ी है जो इस तरह से खुलेआम शहर के बीचों बीच शराब का अवैध कारोबार किया जा रहा है..? क्या इस वजह से अवैध शराब ठेकेदारों पर प्रशासन व आबकारी विभाग लगाम नही कस रही है.?

सवाल अभी भी बरकरार है, कब आबकारी विभाग व प्रशासन अवैध शराब पर अंकुश लगाएगी।

वीडियो खबरें

फोटो