ओलिंपिक के मैदान पर हॉकी पर सिर रखकर रोतीं इन बेटियों के आंसुओं को पढ़ पाए आप?

सिंगरौली के आवाज़/06 अगस्त 2021

इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम का पहला ओलंपिक पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया। हालांकि, भारतीय टीम ने पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचकर पहले ही इतिहास रच दिया था। सेमीफाइनल मैच में टीम ने ग्रेट ब्रिटेन की टीम को जोरदार टक्कर दी। हालांकि, ब्रॉन्ज मेडल के इस मुकाबले में ब्रिटेन ने 4-3 से भारत को हरा दिया।

मेडल से कम नहीं हैं ये लाइनें

क्या गजब गेम था.. और क्या गजब टीम थी… हार के बाद विपक्षी ग्रेट ब्रिटेन की टीम के ये शब्द पढ़िए। इसमें भारतीय लड़कियों के जज्बे को सलामी है, नमस्कार है। विपक्षी भी आपका लोहा मान जाए, आपके खेल का कायल हो जाए, तो क्या यह किसी मेडल से कम है।

ओलिंपिक मेडल हाथ से फिसलने के बाद मैदान पर हॉकी पर सिर रख आंसुओं में डूबी इन बेटियों के आंसुओं को पढ़िए। इनमें संघर्ष की एक पूरी कहानी छिपी है। आपके आसपास की कहानी। लड़के नहीं रोते, रोती तो लड़कियां हैं… आप इन आंसुओं को पढ़ पाएंगे, तो हमारे घरों में अक्सर सुनाई देने वाले इस ताने का असल मायने आप सीख पाएंगे।

वीडियो खबरें

फोटो